मेरे ऊपर मंडरा रही है
रहस्यमई और महाकाय दुनिया

भंते उर्ग्येन संघरक्षित (1925-2018) ने मानव जीवन के संपूर्ण दृष्टि की शिक्षा दी. उनकी शिक्षाएँ बौद्ध परंपरा की व्यापकता और गहराई को दर्शाती हैं, साथ ही मैत्री, कला और प्रेरणायुक्त कल्पना पर ज़ोर देती हैं.

70 से अधिक वर्षों से वैश्विक बौद्ध धर्म में एक रचनात्मक उपस्थिति के साथ, उन्हें त्रिरत्न बौद्ध महासंघ के संस्थापक के रूप में जाना जाता है, जो वर्तमान और भविष्य के लिए बौद्ध धर्म का अनुसरण करने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय आंदोलन है.

उनका जीवन

कवि. घुमक्कड़. भिक्षु. शिक्षक. क्रांतिकारी. मित्र.

संघरक्षितजी के जीवन के बारे में जानें.

उनकी शिक्षाएँ

भावुक, स्पष्ट और प्रेरक, संघरक्षितजी की शिक्षाओं ने दुनिया भर में हज़ारों लोगों के जीवन बदल दिए है.

संघरक्षितजी की पुस्तकें, लेख, ऑडियो और वीडियो देखें.

उर्गेन हाउस

संघरक्षित का अंतिम निवास स्थान, जो तीर्थयात्रा और जुड़ाव का एक केंद्र है – अब आगंतुकों के लिए खुला है

यात्रा की व्यवस्था करें.

वीडियो ब्लॉग देखें.

तस्वीरें और वीडियो

संघरक्षितजी ने हज़ारों तस्वीरों और वीडियो फुटेज का एक समृद्ध संग्रह पिछे छोड़ा है जो अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं:

त्रिरत्न चित्र लायब्रेरी देखें.

त्रिरत्न वीडियो लायब्रेरी देखें.

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